॥ श्री स्वामी समर्थ॥
नमस्कार,
आज से शनि ग्रह ने वक्र गति से भ्रमण करना शुरू किया है। शनि कन्या राशी में वक्री हो गया है।
शनि का वक्री होना, सिंह, कन्या तथा तुला राशीके लोगोंके लिए बहुत तकलीफ देनेवाला होगा। क्युंकी अभी इन तीन राशीयोंको साडेसाती चालू है।
इसका बुरा असर कुंभ लग्न के उपर जो पैदा हुए है, उन्हे भी महसूस होगा। क्योंकी उनके लिए शनि अष्टम स्थान में वक्री हो रहा है। अष्टम स्थान कुंडली का सबसे खराब स्थान माना जाता है।
और एक बात ऐसी है की, कुंभ लग्न के लोगोंके षष्ठस्थान में मंगल है और मंगल भी अभी वक्री है।
शनि महाराज की पीड़ा से छुटकारा पाने के लिए क्या करना चाहिए, इसके उपर कल लिखूंगा ।
शुभेच्छा और आशीर्वाद
धोंडोपंत
shri dhondopant ji namaskar . pl write somt thin on K.P system
ReplyDeleteraghvendra bajpai